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רבי
מאָטענו |
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reb
motenyu |
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Sagt der
Rabbi, Rabbi Motenju: |
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Einen Guten
Morgen lieber G´tt, |
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nimm weg von
uns deinen Zorn. |
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Wir
Deinen Geboten beachten. |
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Oh, die
heiligen Männer, heilige Männer kommen. |
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Oh, die
Bösen, Bösen fallen. |
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Sagt der
Rabbi, Rabbi Motenju: |
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Eine gute
Hilfe dir, G´tt. |
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Der Tag ist
heiß, der Kampf ist schwer. |
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Aber wir
geben das Gewehr nicht heraus. |
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Sagt der
Rabbi, Rabbi Motenju: |
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Einen Guten
Abend lieber G´tt. |
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Der Tag ist
vorbei, ich habe alles gemacht. |
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Gibt mir
G´tt eine Gute Nacht. |
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Originaltext: |
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zogt der
rebe, reb Motenyu: |
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a
gut-morgn
dir g´tenyu. |
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nem arop fun
undz dayn kas. |
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vet men kon
kedin vekedaz. |
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oy,
tsadikim,
tsaikim geyen. |
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oy,
reshoim,
reshoim faln. |
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zogt der
rebe, reb Motenyu: |
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a
gut-helf
dir g´tenyu. |
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der tog iz
heyz, di milkhome iz shver. |
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nor men lozt
nit aroyz doz gever. |
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zogt der
rebe, reb Motenyu: |
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a
gut-ovnt
dir g´tenyu. |
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der tog iz avek
ikh hob altz gemakht. |
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gib mir g´t
a gutinke nakht. |
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oben |
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